भारत में ऑनलाइन फ्रॉड से सबसे ज्यादा प्रभावित है मिलेनियल जनरेशन
फिडेलिटी नेशनल इनफार्मेशनसर्विस यानी एफआईएस की एक स्टडी के मुताबिक, देश में ऑनलाइन फ्रॉड की संख्या में 2 गुना उछाल आया है और यह संख्या पिछले वर्ष 18 % से बढ़कर 37% तक पहुंच गई ।इस फ्राड का शिकार होने वालों में सबसे ज्यादा मिलेनियल जेनरेशन यानी 27 से 36 साल के लोग हैं। एफआईएस की पांचवी एनुअल पेस रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन फ्राड का शिकार होने वालों में 96% से ज्यादा लोगों ने पिछले वर्षों में पेमेंट के लिए मोबाइल एप्स का इस्तेमाल बढ़ा दिया था । इस रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में से अब तक ऑनलाइन पेमेंट फ्राड में 6 गुना तक वृद्धि दर्ज हुई है । इसमें फ्राड के 46 फीसदी से ज्यादा मामले बैंकिंग में ,21 फीसदी मोबाइल फोन के जरिए,18 फीसदी ईमेल आईडी हैकिंग से और 12 फ़ीसदी आईवीआर कॉल्स के जरिए अंजाम दिए गए हैं।
6 गुना वृद्धि हुई है ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में साल 2016 के बाद से अब तक
पेमेंट एप कोई भी हो यह सावधानियां जरूर बरतें
पासवर्ड और पिन शेयर ना करें
यह सभी जानते हैं कि पासवर्ड शेयर कर नहीं करना चाहिए लेकिन कई बार हम इन्हें याद रखने के लिए किसी कागज के टुकड़े पर लिखकर रख लेते हैं या किसी विश्वसनीय व्यक्ति के साथ इसे कई लोगों के बीच शेयर करते हैं। ऐसा ना करें । पासवर्ड याद रखने के लिए आप सिक्योर ब्राउज़र्स या डिवाइस पर पासवर्ड सेवर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पब्लिक वाई-फाई पर पेमेंट ना करें
प्राइवेट नेटवर्क की तुलना में पब्लिक वाईफाई पर सुरक्षा उपाय कम होते हैं, जिसके कारण हैकर्स इन्हें इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को निशाना बनाते हैं। ऐसे में ध्यान रखें कि आप अपने मोबाइल फोन नेटवर्क के जरिए ही इंटरनेट बैंकिंग करें अगर पब्लिक वाईफाई से ऑनलाइन लेनदेन करना ही पड़े तो उसके तुरंत बाद पासवर्ड बदल दे।
अपने ट्रांजैक्शन का ट्रैक रखें
बार-बार ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो उनका ट्रैक रखना आसान नहीं होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूपीआई में मर्चेट्स को कस्टमर्स को कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजने की सुविधा मिलती है। यहां अगर आपको ऐसी कोई रिक्वेस्ट दिखाई दे जिसके लिए आपने कुछ खरीदा नहीं हो या भेजने वाला परिचित नहीं हो तो उसे कैंसिल कर दें।
लेटेस्ट सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर
इंटरनेट पर रोज नए मैलवेयर, स्पैमवेयर या स्पाइवेयर आ सकते हैं ।अगर आपके पीसी या फोन में फायर वॉल एंटीवायरस ऐप नहीं है, तो इनके लेटेस्ट वर्जन खरीदकर इंस्टॉल करें। एंटीवायरस को ऑटो अपडेट पर रखे।एड ब्लॉकिंग सॉफ्टवेयर और स्पाइवेयर डिटेक्शन प्रोग्राम को इस्तेमाल करने से भी ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं।
देखे कस्टमर केयर नंबर सही हो
अपने डिजिटल पेमेंट से जुड़े किसी समस्या के लिए अगर आपको कस्टमर केयर को कांटेक्ट करना पड़े तो इस बात का खास ध्यान रखें कि आप जिस नंबर पर कॉल लगा रहे हो वह आपके पेमेंट एप के ऑफिशियल सोशल मीडिया चैनल या वेबसाइट से ही लिया गया हो कहीं और से लिया गया नंबर फेक हो सकता है। यह खास जानकारी आप हमेशा ध्यान रखे।
पेमेंट के बाद लॉग आउट कर दें
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान पेमेंट फ्रॉड का शिकार होने से बचने के लिए ध्यान रखें कि पेमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हमेशा अपने बैंक, क्रेडिट- डेबिट कार्ड और मर्चेंट साइट्स को लॉग आउट करें । इतना ही नहीं अपने कंप्यूटर पर किसी भी तरह के फाइनेंसियल पासवर्ड्स कभी सेव ना करें।
Very nice
ReplyDeleteVery Good Information RK Sir
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